📖 कहानीबाबू

गधा घर पर नहीं है

📚 मुल्ला नसरुद्दीन की कहानियाँ

मुल्ला जी के एक पड़ोसी ने थोड़ी देर के लिए उनका गधा मांगा। मुल्ला जी अपना गधा देना नहीं चाहते थे। उन्होंने बहाना किया, गधा यहाँ नहीं है। उसी वक़्त मकान के पीछे से गधे के रेंकने की आवाज़ सुनाई दी। पड़ोसी ने शिकायत की, मुल्ला जी, आपने तो कहा था कि गधा नहीं है और यहाँ तो गधे की आवाज़ आ रही है। मुल्ला जी ने जवाब दिया, ख़ुदा तुम्हारे ईमान की कमज़ोरी को माफ़ करे। एक जानवर पर एतबार करते हो और मुझ जैसे सफ़ेद दाढ़ी वाले बूढ़े आदमी पर एतबार नहीं करते!

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