पंचतंत्र की कहानियाँ
जानवरों की कहानियों में छिपी जीवन की अनमोल सीख।
प्रारंभ की कथा-मित्रभेद
🦁बन्दर और लकड़ी का खूंटा
🦁सियार और ढोल
बड़ी-बड़ी शेखी मारने वाले लोग भी ढोल की तरह ही अंदर से खोखले होते हैं।
🦁व्यापारी का पतन और उदय
व्यक्ति बड़ा हो या छोटा, हमें हर किसी के साथ समान भाव से ही पेश आना चाहिए।
🦁दुष्ट सर्प और कौवे
सूझ बूझ का उपयोग कर हम बड़ी से बड़ी ताकत और दुश्मन को हरा सकते हैं, बुद्धि का प्रयोग करके हर संकट का हल निकाला जा सकता है।
🦁मूर्ख साधू और ठग
🦁लड़ते बकरे और सियार
लालच से प्रेरित होकर कोई भी अनावश्यक कदम नहीं उठाना चाहिए और कोई कदम उठाने से पहले भलीभांति सोच लेना चाहिए।
🦁बगुला भगत और केकड़ा
किसी की भी बातों पर आंखें मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। मुसीबत में धीरज व बुद्धिमानी से कार्य करना चाहिए।
🦁चतुर खरगोश और शेर
घोर संकट की परिस्थितियों में भी हमें सूझ बूझ और चतुराई से काम लेना चाहिए और आखिरी दम तक प्रयास करना चाहिए। सूझ बूझ और चतुराई से काम लेकर हम भयंकर संकट से उबर सकते हैं और बड़े से बड़े शक्तिशाली शत्रु को भी पराजित कर सकते हैं।
🦁खटमल और बेचारी जूं
हमें अजनबियों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर उनपर भरोसा नहीं करना चाहिए अपितु उनसे सावधान ही रहना चाहिए।
🦁रंगा सियार
नकलीपन की पोल देर या सबेर जरूर खुलती है।
🦁शेर, ऊंट, सियार और कौवा
धूर्तों के साथ जब भी रहें पूरी तरह से चौकन्ना रहें, और उनकी मीठी बातों में बिलकुल न आयें और विवेकहीन तथा मूर्ख स्वामी से भी दूर रहने में ही भलाई है।
🦁टिटिहरी का जोड़ा और समुद्र का अभिमान
अभिमान का सिर नीचा ।
🦁मूर्ख बातूनी कछुआ
बुद्धिमान भी अगर अपनी चंचलता पर काबू नहीं रख पाता है तो परिणाम बुरा होता है।
🦁तीन मछलियां
भाग्य भी उन्ही का साथ देता है जो कर्म में विश्वास रखते हैं और कर्म को प्रधान मानते हैं। भाग्य के भरोसे हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने वाले का विनाश निश्चित है।
🦁हाथी और गौरैया
कमजोर से कमजोर लोग भी यदि एकजुट होकर काम करें तो बड़ा से बड़ा कार्य संपन्न किया जा सकता है और बड़े से बड़े शत्रु को भी पराजित किया जा सकता है।
🦁सिंह और सियार
घमंड और मूर्खता का साथ बहुत गहरा होता है, इसलिए कभी भी ज़िंदगी में किसी भी समय घमण्ड नहीं करना चाहिए।
🦁चिड़िया और बन्दर
१. बिना मांगे किसी को भी सलाह नहीं देनी चाहिए, खासकर मूर्ख व्यक्ति को तो बिलकुल भी नहीं।
🦁गौरैया और बन्दर
हर किसी को उपदेश नहीं देना चाहिये। बुद्धिमान् को दी हुई शिक्षा का ही फल होता है, मूर्ख को दी हुई शिक्षा का फल कई बार उल्टा निकल आता है।
🦁मित्र-द्रोह का फल
मनुष्य का यह धर्म है कि वह उपाय की चिन्ता के साथ अपाय की भी चिन्ता करे।
🦁मूर्ख बगुला और नेवला
करने से पहले सोचो
🦁जैसे को तैसा
जैसे को तैसा
🦁मूर्ख मित्र
🦁साधु और चूहा
🦁गजराज और मूषकराज
आपसी सदभाव व प्रेम सदा एक दूसरे के कष्टों को हर लेते हैं।
🦁ब्राह्मणी और तिल के बीज
बिन कारण कार्य नहीं ।
🦁व्यापारी के पुत्र की कहानी
दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम
🦁अभागा बुनकर
🦁कौवे और उल्लू का बैर
🦁हाथी और चतुर खरगोश
🦁बिल्ली का न्याय
🦁बकरा, ब्राह्मण और तीन ठग
किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच की तरह लगने लगता है।
🦁कबूतर का जोड़ा और शिकारी
🦁ब्राह्मण और सर्प
लालच बुरी बला है ।
🦁बूढ़ा आदमी युवा पत्नी और चोर
अपने हित के लिए गलत कर्मों का मार्ग नहीं अपनाना चाहिए।
🦁ब्राह्मण, चोर, और दानव
शत्रु का शत्रु मित्र ।
🦁घर का भेद/दो सांप
🦁चुहिया का स्वयंवर
🦁मूर्खमंडली
🦁बोलने वाली गुफा
🦁वंश की रक्षा
अपने हितैषियों की रक्षा करने से हमारी भी रक्षा होती है।
🦁कौवे और उल्लू का युद्ध
🦁बंदर और मगरमच्छ
🦁मेंढकराज और नाग
अपनो से बदला लेने के लिए जो शत्रु का साथ लेता है, उसका अंत निश्चित है।
🦁शेर, गीदड़ और मूर्ख गधा
🦁कुम्हार की कहानी
🦁गीदड़ गीदड़ है और शेर शेर
🦁शेर की खाल में गधा
🦁घमंड का सिर नीचा
घमंड का सिर नीचा ।
🦁सियार की रणनीति
बुद्धि के प्रयोग से कठिन से कठिन काम भी संभव हो जाता है।
🦁कुत्ते का वैरी कुत्ता
🦁स्त्री का विश्वास
🦁स्त्री-भक्त राजा
🦁हमेशा सोच समझ कर काम करो
अच्छी़ तरह देखे, जाने, सुने और उचित परीक्षा किये बिना कोई भी कार्य न करो ।
🦁ब्राह्मणी और नेवला
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय ।
🦁मस्तक पर चक्र
लालच बुरी बला है ।
🦁जब शेर जी उठा/मूर्ख वैज्ञानिक
🦁चार मूर्ख पंडित
व्यवहार-बुद्धि के बिना पंडित भी मूर्ख ही रहते हैं । व्यवहारबुद्धि भी एक ही होती है । सैंकड़ों बुद्धियाँ रखने वाला सदा डांवाडोल रहता है ।
🦁दो मछलियाँ और एक मेंढक (एकबुद्धि)
विद्या से बुद्धि का स्थान ऊँचा है, और बुद्धि में भी सहस्त्रबुद्धि की अपेक्षा एकबुद्धि होना अधिक व्यावहारिक है ।
🦁संगीतमय गधा
अपने शुभचिन्तकों और हितैषियों की नेक सलाह न मानने का परिणाम बुरा होता है।
🦁दो सिर वाला जुलाहा
मित्र की शिक्षा मानो ।
🦁ब्राह्मण का सपना
शेख़चिल्ली न बनो
🦁राक्षस का भय
🦁अंधा, कुबड़ा और त्रिस्तनी
🦁दो सिर वाला पक्षी
मिलकर काम करो।
🦁ब्राह्मण-कर्कटक कथा
राह का साथी कोई भी हो समय पर सहायक होता है।