📖 कहानीबाबू

वृक्ष का सम्मान

✍️ महात्मा बुद्ध

गौतम बुद्ध एक दिन एक वृक्ष को नमन कर रहे थे। उनके एक शिष्य ने यह देखा तो उसे हैरानी हुई। वह बुद्ध से बोला-भगवन! आपने इस वृक्ष को नमन क्यों किया?' शिष्य की बात सुनकर बुद्ध बोले- 'क्या इस वृक्ष को नमस्कार करने से कुछ अनहोनी घट गई?' शिष्य बुद्ध का जवाब सुनकर बोला- 'नहीं भगवन। ऐसी बात नहीं है, किंतु मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि आप जैसा महान व्यक्ति इस वृक्ष को नमस्कार क्यों कर रहा है?

वह न तो आपकी बात का जवाब दे सकता है और न ही आपके नमन करने पर प्रसन्‍नता व्यक्त कर सकता है।' बुद्ध की बात पर शिष्य ने वृक्ष को देखा तो उसे लगा कि सचमुच वृक्ष एक अलग ही मस्ती में झूम रहा था और उसकी झूमती हुई पत्तियां, शाखाएं व फूल मन को एक अद्भत शांति प्रदान कर रहे थे। यह देखकर शिष्य स्वतः वृक्ष के सम्मान में झुक गया।

सिद्धार्थ और हंस ›

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